𝐀𝐥𝐢𝐯𝐞 くそ
65 subscribers
356 photos
87 videos
18 links
I am an imposter with contradictions so complex that I forgot who I was or maybe I never knew it in the first place.
Download Telegram
जिस भी इंसान की काली नज़र लगी ह मेरी जिंदगी पर उसकी ऐसी की तैसी।
वो कहती थी मुझपर सफ़ेद अच्छा लगता है,
ये रंग सफ़ेद मेरी कफ़न का… भा तो जाएगा न उसको, मिर्ज़ा?


मोहब्बत तो रंगों से ऊपर की बात थी,
पर क्या मौत के बाद मेरी याद… लौटा तो लाएगा न उसको, मिर्ज़ा?


This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
इतना क्यू सजाया है खुद को,
कुछ अलग बात है क्या?
इतने करीब क्यू आ रही हो,
हिज्र की रात है क्या?

घर में बहुत चहल-पहल है,
खुशियों की सौगात है क्या?
ये क्या देख रही हो खिड़की से,
ये तुम्हारी बारात है क्या?

और बिस्तर से खुशबू कुछ जानी-पहचानी आ रही है,
मेरे गुलदस्ते के गुलाब है क्या?

और कहती है तुमसे ज्यादा प्यार करता है,
उसकी इतनी औकात है क्या?

रकीब का सहारा लेके कान्हा को बुला दूँगी,
तेरा दिमाग खराब है क्या!?
It can be anyone, but never her.
As my final act of Love, I will leave.
काश और ख़ैर के बीच का फ़र्क़ बस इतना है कि
काश तू होती,
ख़ैर ये ज़िंदगी कंबख़्त बस तेरा ग़म ही देती।
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
आपसे मिल के हम कुछ बदल से गए।
इस घड़ियाल की घड़ियाँ अब कुछ थमने से लगीं,
तुम्हारे आने से जिस्म की तरंगें कुछ छिड़ने-सी लगी हैं।
अब किसे बताऊँ क्या होने लगा है मुझमें?
बस ये ज़िंदगी अब कुछ अपनी-अपनी-सी लगने लगी है।

कभी जो बोझ थीं साँसें, अब वो महसूस होती हैं,
तुम्हारी एक नज़र से ख़ामोशियाँ भी बोलती हैं।
मैं जो ख़ुद से भागता फिरता था सदियों से,
तुम्हारे साथ चलकर मंज़िल पहचानने लगा हूँ मैं।

दिल जो पत्थर था, उसे एहसास तुमने दिया,
टूटकर भी मुस्कुराने का हौसला तुमने दिया।
अगर ये ख़्वाब है, तो टूटने न देना इसे,
क्योंकि पहली दफ़ा ज़िंदगी ने मुझे अपना-सा लगाया है।