अब जान का क्या मोल, जब उसने मुझे बेजान कह दिया,
इन जान देने वाले फ़रिश्तों के बीच, ठहर सा गया हूँ मैं।
कौन हूँ मैं, ये खुद से पूछता हूँ बार-बार,
सिर्फ़ सहमा-सा खड़ा हूँ, जैसे अपना ही साया खो गया हो।
फिर भी इबादत करने का दिल चाहता है,
क्योंकि रूह अब भी वही कहती है, जो सच है।
मगर हर बार वो एक दिन याद आ जाता है,
जब सोचा था - कैसा था मैं, कैसा हूँ मैं,
और इस दफ़ा कैसा रह जाऊँगा…
इन जान देने वाले फ़रिश्तों के बीच, ठहर सा गया हूँ मैं।
कौन हूँ मैं, ये खुद से पूछता हूँ बार-बार,
सिर्फ़ सहमा-सा खड़ा हूँ, जैसे अपना ही साया खो गया हो।
फिर भी इबादत करने का दिल चाहता है,
क्योंकि रूह अब भी वही कहती है, जो सच है।
मगर हर बार वो एक दिन याद आ जाता है,
जब सोचा था - कैसा था मैं, कैसा हूँ मैं,
और इस दफ़ा कैसा रह जाऊँगा…
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What I really want at this point.
थक गया हु।
तुम दीवाली के संग आने वाली नई रौशनी,
मैं वही पुरानी अँधेरी रात हूँ…
तुम्हारे घर आज खुशियों का मेला है,
मेरे हिस्से टूटी-फूटी सीबर यादें और बातें तात हैं…
तुम्हारी छत पे दीयों की कतारें हैं,
मेरी पलकों पे बस आँसुओं की बरसात है…
तुम खिलखिला कर किसी का हो चुके,
और मैं दिल के खंडहर में अकेला इबादत-ए-विरह की सौगात हूँ…
तुम्हारी दुनिया चटकीले रंगों में रमी,
मेरे लफ़्ज़ों में बस फुसफुसाती स्याह रात है…
तुम बन गए किसी की मुबारक दीवाली,
मैं आज भी उसी बुझा दिया हुआ ख़त-ए-मोहब्बत की लाश हूँ…
तुम शायद होतीं तो दीवाली लगती, अब बस एक रात है।
तुम्हारे आने से खुशियाँ अपनी‑सी लगतीं, अब तो बस बेगाने लोगों की अफ़्वाए‑बात है।
सब सुर‑सर्गम मुझे अब एक कहानी लगती,
तुम बिन ये जज़्बे कमबख़्त वही फुसफुसाहट‑ए‑बेबात हैं।
काश तुम फिर से मेरी होतीं,
क्योंकि तुम्हारे बिना हर रात मेरे दिल में एक अधूरी बात है।
में बारिश की बोली समझता नहीं था,
हवाओ से में यू उलझता नहीं था।
है सीने में दिल भी कहा थी मुझे ये खबर ?
हवाओ से में यू उलझता नहीं था।
है सीने में दिल भी कहा थी मुझे ये खबर ?
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Today, I realized something people have started forgetting me, and honestly, I’m happy about it. Even this channel is kind of dead now. I pray that it continues like this, because I no longer intend to live with my old identity. Telegram is toxic indeed.
I remember running this channel since 2022 with very sophisticated posts, focusing on content that described my channel well but now I just share anything here. It feels like this channel is for me now, not for others to watch.
I remember running this channel since 2022 with very sophisticated posts, focusing on content that described my channel well but now I just share anything here. It feels like this channel is for me now, not for others to watch.
❤2
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तुझे तुझ जैसे से,
मुझ जैसा सा इश्क़ हो!
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