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.हर रोज आ रही नई वैकेन्सी की तरफ नजरे गड़ाये हुए हैं..
क्या पता इस बार selection हो जाए यही आस लगाए हुए हैं....
हर से मीलों दूर रहते हैं
किसी time कुछ खाते हैं तो किसी दिन बिना खाये ही पढ़ते पढ़ते सो जाते हैं....
हर रोज जिंदगी का एक एक दिन बिताए जा रहे हैं
कभी जब घर जाने की बात आती हैं...
तो दिल काप सा जाता हैं
वही पुराने चेहरे याद आ जाते हैं जो हमारी तरफ बड़ी आस लगाए बैठे हैं...
शायद इस बार नौकरी मिल जाए
शायद इस बार एक माँ के गिरवी पड़े गहने वापस आ जाए....
शायद इस बार पिता की वो डबल सिफ्ट वाली नौकरी न करनी पड़े
शायद इस बार खेतों में काम न करना पड़े...
छोटे भाई बहन का आदर्श भी बनना है
और घर का बड़ा बेटा / बेटी बनने का फर्ज भी निभाना है....
दिल में छुपे दर्द को भी छुपाना है चेहरे पर आ रही नाकामयाबी के हर्फ को भी छुपाना है....
हर रिश्ते, हर उम्मीद को निभाना है
और जल्द से जल्द कामयाब हो कर वापस आना हैं....
Pragya patel
क्या पता इस बार selection हो जाए यही आस लगाए हुए हैं....
हर से मीलों दूर रहते हैं
किसी time कुछ खाते हैं तो किसी दिन बिना खाये ही पढ़ते पढ़ते सो जाते हैं....
हर रोज जिंदगी का एक एक दिन बिताए जा रहे हैं
कभी जब घर जाने की बात आती हैं...
तो दिल काप सा जाता हैं
वही पुराने चेहरे याद आ जाते हैं जो हमारी तरफ बड़ी आस लगाए बैठे हैं...
शायद इस बार नौकरी मिल जाए
शायद इस बार एक माँ के गिरवी पड़े गहने वापस आ जाए....
शायद इस बार पिता की वो डबल सिफ्ट वाली नौकरी न करनी पड़े
शायद इस बार खेतों में काम न करना पड़े...
छोटे भाई बहन का आदर्श भी बनना है
और घर का बड़ा बेटा / बेटी बनने का फर्ज भी निभाना है....
दिल में छुपे दर्द को भी छुपाना है चेहरे पर आ रही नाकामयाबी के हर्फ को भी छुपाना है....
हर रिश्ते, हर उम्मीद को निभाना है
और जल्द से जल्द कामयाब हो कर वापस आना हैं....
Pragya patel
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❤🥀𝐈'𝐦 𝐧𝐨𝐭 𝐩𝐞𝐫𝐟𝐞𝐜𝐭_🥀_𝐛𝐮𝐭 𝐢 𝐰𝐢𝐥𝐥 𝐚𝐥𝐰𝐚𝐲𝐬 𝐛𝐞 𝐫𝐞𝐚𝐥✌
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𝐣𝐨𝐢𝐧 𝐟𝐚𝐬𝐭 𝐠𝐮𝐲𝐬
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करने से पहले इस एग्जाम की फिलॉसफी को समझना बहुत जरूरी है
क्योंकि दिन रात पढना अच्छी कोचिंग जाना या सैकङो किताबे पढना इस एग्जाम में सफलता की गारंटी नही है
सफल व्यक्ति का भाषण ना सुने - तैयारी करने वाले सबसे बड़ी गलती यही करते है कि वे हर सफल व्यक्ति का भाषण बड़े गौर से सुनते है और उसे कॉपी करने की कोशिश करते है जो बहुत घातक साबित हो सकता है क्योंकि सफल व्यक्ति कभी भी पूरी ईमानदारी से अपनी पढ़ाई का तरीका नही बताता
वह हर चीज को बड़ा चढ़ा कर बताता है क्योंकि वह अपने आपको दूसरे से विशेष दिखाना चाहता है
हम जो देखते , सुनते,पढ़ते है वह हमेशा सही नहीं होता।
इसलिए किसी की बात पर आँख बंद कर विश्वास मत करो, ना ही उसे कॉपी करो
जो लोग कहते है कि 5 साल तक 18-18 घंटे मेहनत करके ias बने है ,,, उनपर दया करो , क्योंकि मुझे लगता है कि इस एग्जाम को क्लियर करने में इतना समय लग तो उससे बड़ा गधा इस दुनिया मे कोई नही हो सकता
जबसे नया पैटर्न आया है यह परीक्षा इतनी आसान हो गयी है कि आप 45% अंक लेन वाला IAS टॉप कर जाते है
कभी आपने सोचा है कि लोग इस परीक्षा में इतना कम स्कोर क्यों कर पाते है....ध्यान रखिये सिलेबस बनाने वाले न ही मूर्ख है औऱ न ही आपके दुश्मन है...
अगर आप कम स्कोर कर रहे है तो इसका मतलब आप इस एग्जाम को समझ ही नही पाए है।
ये पक्का है कि upsc आपकी मदद करने के लिए बैठा है,,,पर सवाल है कि आप अपना हाथ आगे बढ़ा पा रहे है या नही
कुछ समय से लगातार यह हौआ बनाया जा रहा है कि सिविल सर्विसेज एक बहुत ही मुश्किल और कठिन एग्जाम है ,,, और यह बनाने में मार्केट फोर्सेस का बड़ा योगदान है ताकि डरकर आप उनकी कोचिंग क्लासेस जॉइन करो और सैकङो किताबे खरीदो।
सिविल सर्विसेज में 12वी तक का ज्ञान व एक ग्रेजुएट की विचार क्षमता का परीक्षण किया जाता है
हर काम करने से पहले अपने आप से पूछिए की आप यह काम क्यों कर रहे है
सिविल सर्विसेज की तैयारी में ध्येयः महत्वपूर्ण है ना कि वहा पहुचने का तरीका,,,
आप इस बात को समझिये की अगर upsc को ज्ञानी व्यक्ति ही चाहिए तो वह यूनिवर्सिटी टॉपर को सीधे ias न बना देती वह परीक्षा क्यों करवाती।
अपने ज्ञान को सिमित कर समझ को बढाइये यही सफलता का मूलमंत्र है।।।
क्योंकि दिन रात पढना अच्छी कोचिंग जाना या सैकङो किताबे पढना इस एग्जाम में सफलता की गारंटी नही है
सफल व्यक्ति का भाषण ना सुने - तैयारी करने वाले सबसे बड़ी गलती यही करते है कि वे हर सफल व्यक्ति का भाषण बड़े गौर से सुनते है और उसे कॉपी करने की कोशिश करते है जो बहुत घातक साबित हो सकता है क्योंकि सफल व्यक्ति कभी भी पूरी ईमानदारी से अपनी पढ़ाई का तरीका नही बताता
वह हर चीज को बड़ा चढ़ा कर बताता है क्योंकि वह अपने आपको दूसरे से विशेष दिखाना चाहता है
हम जो देखते , सुनते,पढ़ते है वह हमेशा सही नहीं होता।
इसलिए किसी की बात पर आँख बंद कर विश्वास मत करो, ना ही उसे कॉपी करो
जो लोग कहते है कि 5 साल तक 18-18 घंटे मेहनत करके ias बने है ,,, उनपर दया करो , क्योंकि मुझे लगता है कि इस एग्जाम को क्लियर करने में इतना समय लग तो उससे बड़ा गधा इस दुनिया मे कोई नही हो सकता
जबसे नया पैटर्न आया है यह परीक्षा इतनी आसान हो गयी है कि आप 45% अंक लेन वाला IAS टॉप कर जाते है
कभी आपने सोचा है कि लोग इस परीक्षा में इतना कम स्कोर क्यों कर पाते है....ध्यान रखिये सिलेबस बनाने वाले न ही मूर्ख है औऱ न ही आपके दुश्मन है...
अगर आप कम स्कोर कर रहे है तो इसका मतलब आप इस एग्जाम को समझ ही नही पाए है।
ये पक्का है कि upsc आपकी मदद करने के लिए बैठा है,,,पर सवाल है कि आप अपना हाथ आगे बढ़ा पा रहे है या नही
कुछ समय से लगातार यह हौआ बनाया जा रहा है कि सिविल सर्विसेज एक बहुत ही मुश्किल और कठिन एग्जाम है ,,, और यह बनाने में मार्केट फोर्सेस का बड़ा योगदान है ताकि डरकर आप उनकी कोचिंग क्लासेस जॉइन करो और सैकङो किताबे खरीदो।
सिविल सर्विसेज में 12वी तक का ज्ञान व एक ग्रेजुएट की विचार क्षमता का परीक्षण किया जाता है
हर काम करने से पहले अपने आप से पूछिए की आप यह काम क्यों कर रहे है
सिविल सर्विसेज की तैयारी में ध्येयः महत्वपूर्ण है ना कि वहा पहुचने का तरीका,,,
आप इस बात को समझिये की अगर upsc को ज्ञानी व्यक्ति ही चाहिए तो वह यूनिवर्सिटी टॉपर को सीधे ias न बना देती वह परीक्षा क्यों करवाती।
अपने ज्ञान को सिमित कर समझ को बढाइये यही सफलता का मूलमंत्र है।।।
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